PM Narendra Modi Fake Video: जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो और उससे जुड़ा दावा तेजी से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों का जीवन नर्क बना देंगे. इस वीडियो को कई प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया, जिसके बाद इसकी सत्यता को लेकर सवाल उठने लगे.
PIB फैक्ट चेक ने बताया- दावा पूरी तरह फर्जी
वायरल वीडियो की जांच के बाद प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया है. PIB के अनुसार, वीडियो को डिजिटल तरीके से एडिट और AI तकनीक की मदद से तैयार किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. फैक्ट चेक यूनिट ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के भ्रामक वीडियो और संदेशों को साझा करने से बचें व केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें.
सरकार ने भ्रामक प्रचार पर जताई चिंता
PIB फैक्ट चेक के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि इस तरह के कुछ भ्रामक वीडियो और पोस्ट संगठित तरीके से सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए. सरकार ने कहा कि फर्जी और डीपफेक सामग्री का उद्देश्य लोगों को भ्रमित करना और संवेदनशील मुद्दों पर गलत सूचना फैलाना है. अधिकारियों ने ऐसे कंटेंट की पहचान कर उसे हटाने और उसके स्रोतों की जांच की प्रक्रिया भी शुरू की है.
पीएम मोदी का वास्तविक संदेश क्या था?
जंतर-मंतर विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यम से एक वीडियो संदेश जारी किया. मोदी ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा माफिया ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे माफियाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. पीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ईमानदार छात्रों को न्याय दिलाना और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी व भरोसेमंद बनाना है. उन्होंने नए सख्त कानून को युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बताया.
पीएम मोदी ने कहा कि गालियां किसी समस्या का समाधान नहीं होतीं और समाज को युवाओं को सही दिशा दिखाने का प्रयास करना चाहिए. उन्होंने संवाद और संयम पर जोर दिया, लेकिन कहीं भी प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ “जीवन नर्क बना देने” जैसी कोई टिप्पणी नहीं की.
मोदी ने कहा, “ये गुमराह बच्चे हैं. इन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा कर्तव्य है. उन्हें सजा देना, कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगवाना या समाज में प्रताड़ित करना इस स्थिति का समाधान नहीं है. मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं और समाज से भी आग्रह करता हूं कि मेरी इस भावना को स्वीकार करे.”
अफवाहों से बचने की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि AI और डीपफेक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के कारण किसी भी वीडियो को बिना सत्यापन के सही मान लेना जोखिम भरा हो सकता है. यदि किसी वायरल वीडियो में किसी बड़े नेता, अधिकारी या संस्था के नाम से चौंकाने वाला दावा किया जा रहा हो, तो उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोत या विश्वसनीय फैक्ट चेक प्लेटफॉर्म से जरूर करनी चाहिए.
फर्जी दावे को शेयर करने से पहले जानें सच
यह दावा गलत और भ्रामक है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों का जीवन नर्क बना देंगे.” PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो डिजिटल रूप से छेड़छाड़ किया गया है और प्रधानमंत्री की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया. इसलिए इस दावे को तथ्य मानकर साझा नहीं किया जाना चाहिए.
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