Jan Aushadhi Kendra: इलाज का खर्च लगातार बढ़ने के बीच सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की तलाश करने वाले लोगों के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) महत्वपूर्ण विकल्प है. जन औषधि केंद्रों पर गुणवत्ता-सुनिश्चित जेनेरिक दवाएं आम बाजार में उपलब्ध ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी कम कीमत पर मिलती हैं. सरकार के हालिया स्वास्थ्य संबंधी अपडेट के अनुसार, जन औषधि केंद्रों के जरिए जेनेरिक दवाएं बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं.
हालांकि, हर दवा पर 90 प्रतिशत की बचत तय नहीं है. कीमत में अंतर दवा, उसके ब्रांडेड विकल्प और उपलब्ध जन औषधि उत्पाद के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. इसलिए खरीदारी से पहले संबंधित दवा की कीमत की तुलना करना बेहतर है.
घर बैठे पता चलेगा नजदीकी जन औषधि केंद्र
अब नजदीकी केंद्र खोजने के लिए अलग-अलग दुकानों के बारे में पूछताछ करने की जरूरत नहीं है. सरकार की Jan Aushadhi Sugam मोबाइल ऐप में नजदीकी जन औषधि केंद्र खोजने की सुविधा मौजूद है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ऐप Google Maps के जरिए आसपास के केंद्रों की लोकेशन बताने के साथ जेनेरिक दवाओं को खोजने और जेनेरिक व ब्रांडेड दवाओं की MRP की तुलना करने की सुविधा भी देता है.
खास बात यह है कि ऐप को 1 सितंबर 2026 को अपडेट किया गया है. यानी मौजूदा समय में इसे ताजा जानकारी के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है.
वेबसाइट से भी खोज सकते हैं दुकान
अगर फोन में ऐप डाउनलोड नहीं करना चाहते हैं तो जन औषधि की आधिकारिक वेबसाइट पर भी Locate Kendra सुविधा उपलब्ध है. इसमें राज्य, जिला, पिन कोड या केंद्र कोड के आधार पर जन औषधि केंद्र खोजा जा सकता है.
गुणवत्ता को लेकर भी खास व्यवस्था
सस्ती होने का मतलब यह नहीं कि जन औषधि दवाओं की गुणवत्ता की अनदेखी की जाती है. सरकार के अनुसार, PMBJP के तहत दवाएं WHO-GMP मानकों के अनुरूप निर्माताओं से खरीदी जाती हैं और प्रत्येक बैच की NABL-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में जांच की जाती है. निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरने के बाद ही दवाओं को जन औषधि केंद्रों तक पहुंचाया जाता है.
दवा खरीदने से पहले यह बात जरूर याद रखें
जन औषधि केंद्र से दवा लेते समय डॉक्टर की सलाह और प्रिस्क्रिप्शन को प्राथमिकता दें. केवल कम कीमत देखकर किसी दवा को खुद से शुरू या बंद न करें. सही दवा, सही खुराक और सही अवधि डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही तय होनी चाहिए. सरकार ने 31 मार्च 2027 तक देशभर में 25,000 जन औषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा है, जिससे सस्ती दवाओं की पहुंच और बढ़ाने की योजना है.
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