Diwali Safety Tips: दीपावली खुशियों, रोशनी और उत्साह का त्योहार है. इस साल 8 नवंबर 2026 को दिवाली मनाई जाएगी. त्योहार नजदीक आते ही घरों और बाजारों में तैयारियां तेज हो गई हैं. बच्चों से लेकर बड़ों तक में पटाखे जलाने को लेकर काफी उत्साह रहता है. हालांकि, इस दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी आग लगने, हाथ-पैर जलने और आंखों में चोट जैसी गंभीर घटनाओं का कारण बन सकती है. इसलिए दिवाली का जश्न मनाते समय अपनी और परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
खासकर छोटे बच्चों को पटाखों से दूर रखना और उन्हें बड़ों की निगरानी में ही आतिशबाजी करने देना चाहिए. वहीं, दिल्ली-NCR में पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इस साल कुछ विशेष छूट और सख्त शर्तें तय की हैं.
8 नवंबर को मनाई जाएगी दिवाली
इस साल दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी. दिल्ली-NCR में सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले और दिवाली के दिन यानी 7 और 8 नवंबर को प्रमाणित ग्रीन पटाखे जलाने की सीमित अनुमति दी है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, दोनों दिन सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे. यानी 7 और 8 नवंबर को दोनों समय एक समान रहेंगे. 9 नवंबर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर से लागू हो जाएगा.
यह अनुमति पूरे देश के लिए नहीं, बल्कि दिल्ली-NCR के लिए है. अन्य राज्यों के लोगों को अपने स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए.
दिल्ली-NCR में सिर्फ ग्रीन पटाखों की अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली-NCR में केवल CSIR-NEERI से प्रमाणित ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा. इनके पैकेट पर संबंधित उत्पाद और बैच का QR कोड होना जरूरी है, जिससे उनकी प्रमाणिकता की जांच की जा सके.
पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित स्थानों पर लाइसेंस प्राप्त दुकानदारों के माध्यम से होगी. ऑनलाइन बिक्री पर रोक रहेगी. इसके अलावा, तेज आवाज और प्रदूषण बढ़ाने वाले पारंपरिक पटाखों, बेरियम वाले पटाखों और लड़ियों (लड़ी वाले पटाखे) की अनुमति नहीं है.
अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों, शिक्षण संस्थानों और अधिसूचित साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर भी रोक रहेगी.
पटाखे जलाते समय इन सावधानियों का रखें ध्यान
पटाखे हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर जलाएं.
पटाखे जलाते समय सूती और शरीर से फिट कपड़े पहनें.
पटाखे हाथ में पकड़कर न जलाएं. उन्हें जमीन पर रखकर सुरक्षित दूरी से जलाएं.
रॉकेट और हवाई पटाखे घरों, पेड़ों, वाहनों और बिजली के तारों के पास न जलाएं.
पटाखे जलाने वाली जगह पर पानी की बाल्टी और रेत जरूर रखें.
फटे या खराब पटाखों को दोबारा जलाने की कोशिश न करें.
पटाखों को घर के अंदर या रसोई के पास जमा करके न रखें.
आतिशबाजी के दौरान चेहरे और आंखों को पटाखों से दूर रखें.
बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता रहें सतर्क
दिवाली पर बच्चों में पटाखे जलाने का सबसे ज्यादा उत्साह रहता है, लेकिन उनकी सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बच्चों को कभी भी अकेले पटाखे न जलाने दें. हमेशा किसी बड़े व्यक्ति की निगरानी में ही उन्हें आतिशबाजी करने दें.
छोटे बच्चों को माचिस, लाइटर और तेज आवाज वाले पटाखों से दूर रखें. फुलझड़ी जलाते समय भी बच्चों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दें. पटाखों को जलाने के बाद उनसे दूर हटने की आदत भी सिखाएं.
पटाखे से जलने पर तुरंत क्या करें?
अगर पटाखे से किसी का हाथ या शरीर जल जाता है तो प्रभावित हिस्से को तुरंत ठंडे बहते पानी के नीचे करीब 20 मिनट तक रखें. जले हुए स्थान पर बर्फ, टूथपेस्ट, घी या तेल न लगाएं. जले हुए हिस्से को साफ और ढ़ीली ड्रेसिंग से ढ़कें. गंभीर जलन होने पर तुरंत अस्पताल जाएं. आंख में पटाखे की चिंगारी जाने पर आंख को न रगड़ें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें.
सुरक्षित तरीके से मनाएं दिवाली
दिवाली का असली आनंद परिवार के साथ खुशियां बांटने में है. इसलिए पटाखों के शोर और दिखावे से ज्यादा अपनी और दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें. बच्चों को भी सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने के लिए जागरूक करें. थोड़ी सी सावधानी आपकी दिवाली को खुशहाल और यादगार बना सकती है.
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