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21 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है विश्व आभार दिवस? जानिए 1965 से जुड़ी पूरी कहानी

World Gratitude Day: हर साल 21 सितंबर को विश्व आभार दिवस (World Gratitude Day) मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य लोगों को उन व्यक्तियों, रिश्तों और छोटी-बड़ी चीजों के प्रति धन्यवाद व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना है, जिनका उनके जीवन में महत्व है. साल 2026 में विश्व आभार दिवस सोमवार, 21 सितंबर को मनाया जाएगा. 20 सितंबर को इस दिन से एक दिन पहले लोग इसके महत्व और इतिहास को जानने के साथ अपने आसपास के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने की तैयारी कर सकते हैं.

क्या है विश्व आभार दिवस?
विश्व आभार दिवस किसी खास धर्म या समुदाय तक सीमित अवसर नहीं है. इसका मूल विचार यह है कि इंसान अपने जीवन में मिली मदद, सहयोग, प्रेम और अवसरों को याद करे और उसके लिए धन्यवाद कहे. यह धन्यवाद किसी परिवार के सदस्य, दोस्त, शिक्षक, सहकर्मी, डॉक्टर, पड़ोसी या किसी ऐसे व्यक्ति के लिए हो सकता है, जिसने मुश्किल समय में साथ दिया हो.

आभार व्यक्त करने के लिए किसी बड़े आयोजन की जरूरत नहीं होती. किसी को दिल से धन्यवाद कहना, एक छोटा संदेश भेजना या किसी की मदद करना भी इस दिन की भावना से जुड़ा माना जाता है.

1965 में हवाई से हुई शुरुआत
विश्व आभार दिवस के इतिहास की शुरुआत 1965 में अमेरिका के हवाई राज्य से जुड़ी मानी जाती है. उपलब्ध विवरण के अनुसार, हवाई स्थित ईस्ट-वेस्ट सेंटर में एक समूह की बैठक हुई थी. इसमें अलग-अलग देशों से आए लोग शामिल थे. इसी दौरान दुनिया के लोगों को एक साझा भावना से जोड़ने के लिए एक ऐसे दिन की जरूरत पर चर्चा हुई, जब लोग एक-दूसरे और जीवन की अच्छी चीजों के प्रति आभार व्यक्त कर सकें.

World Gratitude Day की अध्यक्ष और संस्थापक एडना फुएर्थ लेमले के अनुसार, इसी बैठक में Gratitude Day का विचार सामने आया. बैठक में शामिल लोगों ने अपने-अपने देशों में लौटने के बाद अगले वर्ष 21 सितंबर को आभार दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया था.

1966 में कई देशों में मनाया गया आभार दिवस
इसके बाद 21 सितंबर 1966 को हवाई की उस बैठक में शामिल कई लोगों ने अपने-अपने देशों में Gratitude Day मनाया. 1965 की हवाई बैठक के बाद कई प्रतिभागियों ने 21 सितंबर 1966 को अपने देश लौटकर इस दिन को मनाया. इसके बाद धीरे-धीरे विश्व आभार दिवस मनाने वालों की संख्या बढ़ती गई. इसलिए 1965 को इसकी शुरुआत से जुड़ा वर्ष और 1966 को विभिन्न देशों में इसके आयोजन के शुरुआती वर्ष के रूप में बताया जाता है.

श्री चिन्मय की क्या भूमिका रही?
आध्यात्मिक गुरु श्री चिन्मय बाद के वर्षों में विश्व आभार दिवस से जुड़े आयोजनों और संयुक्त राष्ट्र के Meditation Group के कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण रूप से दिखाई देते हैं. 1977 के एक कार्यक्रम के विवरण में उन्हें World Gratitude Day के अवसर पर सम्मानित किए जाने का उल्लेख मिलता है.

21 सितंबर का विशेष महत्व
21 सितंबर की तारीख विश्व आभार दिवस की शुरुआत से जुड़ी है. इस दिन लोगों को अपने जीवन में मौजूद अच्छी चीजों और दूसरे लोगों के योगदान को याद करने और उनके प्रति धन्यवाद व्यक्त करने का संदेश दिया जाता है. इसके साथ ही 21 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस भी मनाया जाता है. इसलिए इस तारीख का वैश्विक स्तर पर विशेष महत्व है.

आभार व्यक्त करना क्यों जरूरी है?
आभार का मतलब केवल ‘धन्यवाद’ कहना नहीं है. इसका अर्थ है किसी व्यक्ति या परिस्थिति के महत्व को समझना और उसे स्वीकार करना. रोजमर्रा की जिंदगी में हम परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों और दूसरे लोगों की मदद को कई बार सामान्य मान लेते हैं.

ऐसे में, आभार का अभ्यास हमें कुछ समय रुककर यह सोचने का मौका देता है कि हमारे जीवन में कौन लोग महत्वपूर्ण हैं और किन छोटी-बड़ी चीजों के लिए हम आभारी हो सकते हैं.

विश्व आभार दिवस 2026 पर क्या करें?
इस दिन आप अपने माता-पिता, परिवार, शिक्षक या किसी मित्र को धन्यवाद कह सकते हैं. किसी जरूरतमंद की मदद करना, किसी बुजुर्ग से बात करना, किसी सहयोगी के काम की सराहना करना या अपने जीवन की अच्छी चीजों को लिखना भी इस दिन को सार्थक बना सकता है.

विश्व आभार दिवस का संदेश सरल है- जो हमारे लिए अच्छा करते हैं, उनके प्रति धन्यवाद व्यक्त करने में देर नहीं करनी चाहिए. एक छोटा सा ‘धन्यवाद’ किसी के दिन को बेहतर बना सकता है.

यह भी पढ़ें- हिंदी दिवस: 14 सितंबर का दिन क्यों है खास? जानिए हिंदी को राजभाषा बनाने की कहानी

 

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