NEET Protest 2026: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से जुड़े प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की पोस्ट-इवेंट समीक्षा रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने भीड़ नियंत्रण के लिए जो कार्रवाई की, वह निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और दंगा नियंत्रण दिशानिर्देशों के अनुरूप थी. रिपोर्ट के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर पैलेट गन जैसे गैर-घातक (Non-Lethal) साधनों के इस्तेमाल की अनुमति पहले से मौजूद थी और उसका उपयोग नियमों के तहत किया गया.
रिपोर्ट में क्या कहा गया?
CRPF की आंतरिक समीक्षा के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हालात तब बिगड़े जब कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षा बलों पर पथराव और लोहे की रेलिंग जैसी वस्तुओं से हमला किए जाने की बात सामने आई. रिपोर्ट में कहा गया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले सामान्य उपाय अपनाए गए और बाद में स्थिति के अनुसार गैर-घातक साधनों का इस्तेमाल किया गया. इसमें यह भी उल्लेख किया गया कि पूरी कार्रवाई निर्धारित SOP के अनुसार चरणबद्ध तरीके से की गई.
पहले उठे थे कार्रवाई पर सवाल
20 जुलाई की घटना के बाद सोशल मीडिया और विपक्षी दलों की ओर से आरोप लगाए गए थे कि प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया. कुछ वीडियो और तस्वीरों के आधार पर पैलेट गन के इस्तेमाल का भी दावा किया गया था. इसके बाद इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस को जन्म दिया. इसी विवाद के बीच CRPF ने अपनी पोस्ट-इवेंट समीक्षा पूरी कर निष्कर्ष जारी किया है.
दिल्ली पुलिस की जांच भी जारी
हालांकि मामले का एक दूसरा पहलू भी सामने आया है. कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि एक जनरल डायरी (GD) एंट्री में यह उल्लेख है कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के निर्देश पर प्लास्टिक पैलेट दागे गए थे. इस दस्तावेज की प्रामाणिकता और परिस्थितियों की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है. वहीं संबंधित वरिष्ठ अधिकारी ने ऐसे किसी निर्देश से इनकार किया है. इस कारण मामले की अलग-अलग एजेंसियों द्वारा जांच और सत्यापन अभी भी जारी है.
घटना के बाद CRPF ने कराई समीक्षा, कार्रवाई को बताया उचित
CRPF महानिदेशक ने घटना के कुछ दिन बाद ही स्पष्ट किया था कि RAF की कार्रवाई का पेशेवर स्तर पर पोस्ट-एनालिसिस कराया जाएगा, ताकि यह देखा जा सके कि सभी प्रक्रियाओं का पालन हुआ या नहीं. उसी समीक्षा के आधार पर अब यह रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बताया गया है. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि झड़पों के दौरान RAF के कई जवान भी घायल हुए थे.
विवाद अभी पूरी तरह थमा नहीं
CRPF की समीक्षा रिपोर्ट आने के बावजूद विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. विपक्ष और कुछ छात्र संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक और अधिकृत उपाय ही अपनाए गए. अब निगाहें दिल्ली पुलिस की जांच और यदि कोई आगे की प्रशासनिक या न्यायिक प्रक्रिया होती है, तो उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं.
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