Bihar Police SI Recruitment 2026: बिहार में 1799 पदों वाली दारोगा भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा एक बार फिर सामने आया है. भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर छात्र 15 सितंबर को पटना में महाआंदोलन के लिए जुटे. अभ्यर्थियों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाए और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच जल्द पूरी की जाए.
1799 पदों की भर्ती में क्या है विवाद?
बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग यानी BPSSC ने पुलिस अवर निरीक्षक के 1799 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन संख्या 05/2025 जारी किया था. आयोग के आधिकारिक विज्ञापन में इन पदों पर प्रतियोगिता परीक्षा के जरिए नियुक्ति की बात कही गई है.
इस भर्ती की मुख्य परीक्षा 27 मई 2026 को हुई थी. इसके बाद कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए. हालांकि, इन आरोपों को अंतिम रूप से साबित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता. मामले की जांच जारी है.
छात्रों ने क्यों उठाए सवाल?
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए. छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा से संबंधित OMR की प्रति उपलब्ध कराना, परीक्षा केंद्रों के चयन में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच को तेज करना शामिल है. 15 सितंबर के छात्र आंदोलन से पहले जारी मांगों में 1799 दारोगा भर्ती को रद्द करने और EOU की जांच में तेजी लाने की मांग भी शामिल थी.
EOU की जांच में क्या सामने आया?
दारोगा भर्ती विवाद में आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है. 14 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य परीक्षा में ज्यादा संख्या में अभ्यर्थियों के सफल होने वाले 20 परीक्षा केंद्र EOU की जांच के दायरे में बताए गए हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि इन केंद्रों पर गड़बड़ी साबित हो गई है. जांच एजेंसी का फोकस फिलहाल उन केंद्रों से जुड़े आंकड़ों और परिस्थितियों की पड़ताल पर है.
PET को लेकर भी अभ्यर्थियों में नाराजगी
विवाद के बीच भर्ती का अगला चरण भी प्रभावित हुआ है. BPSSC ने 28 अगस्त 2026 को 1799 पदों वाली भर्ती के लिए प्रस्तावित शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी PET को स्थगित करने से संबंधित महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया था. आयोग की वेबसाइट पर यह नोटिस दर्ज है.
इससे मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के बीच आगे की प्रक्रिया को लेकर अनिश्चितता बढ़ी. अभ्यर्थी अब भर्ती की स्थिति, जांच और आगे की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी चाहते हैं.
अभी सबसे बड़ा सवाल क्या है?
फिलहाल पूरे विवाद का केंद्र परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आरोप और जांच की रिपोर्ट है. छात्रों की मांग है कि जांच जल्द पूरी हो और भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ की जाए. दूसरी ओर, जब तक जांच से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आता, तब तक धांधली के आरोपों को साबित तथ्य मानना सही नहीं होगा.
ऐसे में, 1799 दारोगा पदों की भर्ती का अगला कदम EOU की जांच और BPSSC के आगामी आधिकारिक फैसलों पर काफी हद तक निर्भर करेगा. अभ्यर्थियों की नजर अब इस बात पर है कि जांच के बाद आयोग भर्ती को लेकर क्या निर्णय लेता है और PET की नई तारीख कब घोषित होती है.
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