UPI से भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए केंद्र सरकार ने 14 सितंबर 2026 को बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है. वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, 2,000 रुपए तक के UPI लेनदेन पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगा सकते. यह नियम भुगतान करने वाले और भुगतान प्राप्त करने वाले, दोनों पर लागू होता है.
ग्राहक को देना होगा कोई अतिरिक्त पैसा?
2,000 तक का UPI भुगतान करने वाले ग्राहक से कोई UPI चार्ज नहीं लिया जा सकता. मसलन, आपने किसी दुकान से 1,500 रुपए का सामान खरीदा और UPI के जरिए भुगतान किया तो आपके खाते से 1,500 रुपए ही कटेंगे. इसके ऊपर बैंक या पेमेंट सिस्टम की तरफ से अलग से कोई शुल्क नहीं लगाया जा सकता.
सरकार की अधिसूचना में खास तौर पर कहा गया है कि बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर भुगतान करने वाले या प्राप्त करने वाले व्यक्ति पर सीधे या परोक्ष रूप से कोई शुल्क नहीं लगा सकते.
व्यापारियों के लिए भी राहत
इस नियम का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा व्यापारी यानी भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्ति से जुड़ा है. 2,000 रुपए तक के UPI भुगतान के मामले में बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर व्यापारी पर भी ऐसा शुल्क नहीं लगा सकते, जिसे इस अधिसूचना ने प्रतिबंधित किया है.
यानी ग्राहक ने दुकान पर 800 रुपए का UPI भुगतान किया तो इस लेनदेन के लिए ग्राहक और भुगतान प्राप्त करने वाले व्यापारी, दोनों को संबंधित बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर के शुल्क से सुरक्षा दी गई है.
क्या 2000 से ऊपर UPI पर अभी चार्ज लग गया?
यह सबसे महत्वपूर्ण बात है. सरकार ने 2,000 रुपए से अधिक के हर UPI भुगतान पर कोई निश्चित शुल्क लागू नहीं किया है. नई व्यवस्था ने सिर्फ यह स्पष्ट किया है कि 2,000 तक के भुगतान शुल्क से सुरक्षित रहेंगे और इससे ऊपर के कुछ चुनिंदा मर्चेंट लेनदेन पर भविष्य में Merchant Discount Rate यानी MDR लागू करने की संभावना का रास्ता खुला है.
इसलिए अगर कोई संदेश यह दावा करता है कि अब 2000 रुपए से ज्यादा UPI करने पर ग्राहक से चार्ज कटेगा, तो उसे अभी सही नहीं माना जा सकता. 15 सितंबर 2026 तक ऐसे किसी सामान्य ग्राहक शुल्क की घोषणा नहीं हुई है.
MDR क्या है और किससे लिया जाता है?
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए व्यापारी से बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को दिया जा सकता है. सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि यदि UPI पर MDR लाया जाता है तो उसे सीमित श्रेणी के बड़े मर्चेंट लेनदेन तक रखा जा सकता है.
इसका मतलब यह नहीं है कि आम ग्राहक को UPI से भुगतान करने पर अलग से फीस देनी होगी. वित्त मंत्री ने भी स्पष्ट किया था कि उपभोक्ताओं पर UPI लेनदेन का शुल्क लगाने का उद्देश्य नहीं है.
RuPay डेबिट कार्ड पर भी शुल्क नहीं
सरकार की नई अधिसूचना में RuPay से जुड़े डेबिट कार्ड भुगतान को भी शुल्क-मुक्त इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों में शामिल किया गया है. अधिसूचना के तहत बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर ऐसे भुगतान पर भी भुगतान करने वाले या प्राप्त करने वाले व्यक्ति से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से शुल्क नहीं लगा सकते.
आम यूजर के लिए क्या बदला?
आम लोगों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी बात यही है कि 2,000 रुपए तक का UPI भुगतान शुल्क-मुक्त रहेगा. ग्राहक को अतिरिक्त UPI चार्ज देने की चिंता नहीं करनी है और इस सीमा तक भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्ति को भी संबंधित शुल्क से सुरक्षा मिली है.
हालांकि, 2,000 रुपए से अधिक के मर्चेंट UPI भुगतान को लेकर आगे MDR की व्यवस्था कैसी होगी, इसकी अंतिम तस्वीर संबंधित नियम और व्यवस्था तय होने के बाद ही साफ होगी. इसलिए फिलहाल 2,000 रुपए से ऊपर के हर UPI भुगतान पर शुल्क लगने की बात कहना सही नहीं होगा.
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