Sheeshmahal 2 Controversy Delhi: दिल्ली की राजनीति इस समय दो बड़े मुद्दों के बीच फंसी हुई है- एक तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) में बगावत और दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नए सरकारी आवास को लेकर उठता विवाद. बीजेपी ने इस नए घर को “शीशमहल 2” करार देकर बड़ा हमला बोला है, वहीं AAP ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा बताते हुए पलटवार किया है.
नए बंगले पर विवाद की शुरुआत
हाल ही में अरविंद केजरीवाल को केंद्र सरकार की ओर से लुटियंस दिल्ली के 95 लोधी एस्टेट में टाइप-VII सरकारी बंगला आवंटित किया गया है. इसी के बाद बीजेपी नेताओं ने इस घर को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए और इसे “शीशमहल 2” बताते हुए आरोप लगाया कि केजरीवाल अब सादगी की राजनीति छोड़कर आलीशान जीवन जी रहे हैं.
बीजेपी का हमला- ‘आम आदमी नहीं, शाही जीवन’
बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि यह नया आवास बेहद लग्जरी सुविधाओं से लैस है. उन्होंने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जो खुद को “आम आदमी” बताते थे, वे अब “राजाओं जैसा जीवन” जी रहे हैं. इतना ही नहीं, बीजेपी ने इसे जनता के पैसे की बर्बादी बताते हुए सवाल उठाया कि आखिर इतने महंगे सरकारी घर की जरूरत क्यों पड़ी.
AAP का पलटवार- ‘फर्जी तस्वीरें, जनता के लिए खोल देंगे घर’
बीजेपी के आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी नेताओं ने कहा कि जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, वे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक हैं. AAP ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर बीजेपी के पास कोई सबूत है तो वह सार्वजनिक करे. साथ ही पार्टी ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो यह घर जनता के लिए खोल दिया जाएगा, ताकि सच्चाई सामने आ सके.
बगावत से बढ़ी सियासी गर्मी
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब AAP के अंदर बड़ी राजनीतिक हलचल मची हुई है. हाल ही में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत कई नेताओं के पार्टी छोड़कर बीजेपी में जाने से पार्टी पर दबाव बढ़ गया है. ऐसे में, विपक्ष को केजरीवाल पर हमला करने का एक और बड़ा मुद्दा मिल गया है.
शीशमहल विवाद का पुराना इतिहास
यह पहला मौका नहीं है जब केजरीवाल के घर को लेकर विवाद हुआ हो. इससे पहले भी उनके पुराने सरकारी आवास के नवीनीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च होने का मुद्दा उठ चुका है, जिसे बीजेपी लंबे समय से शीशमहल कहकर निशाना बनाती रही है.
क्या है असली सियासी संदेश?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह विवाद सिर्फ एक घर का नहीं, बल्कि इमेज की लड़ाई है. बीजेपी इसे भ्रष्टाचार और विलासिता का प्रतीक बताना चाहती है, वहीं AAP इसे राजनीतिक साजिश और दुष्प्रचार बता रही है.
दिल्ली की सियासत में नया तूफान
कुल मिलाकर, केजरीवाल के नए पते पर उठा यह विवाद दिल्ली की राजनीति को और गर्माने वाला है. बगावत, आरोप-प्रत्यारोप और “शीशमहल 2” जैसे शब्दों के बीच अब असली लड़ाई जनता की धारणा को लेकर है. आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब दोनों दल इसे चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करेंगे.
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