BRICS Summit 2026: भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और अब 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है. सम्मेलन 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा. भारत सरकार के अनुसार, इसमें BRICS के सदस्य देशों के नेताओं के साथ पार्टनर देशों और आउटरीच आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.
‘Humanity First’ की सोच के साथ भारत की अध्यक्षता
भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता का आधिकारिक थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है. इसका फोकस वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूती बढ़ाने, नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने, देशों के बीच सहयोग मजबूत करने और सतत विकास पर है. भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान 25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए हैं.
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
शिखर सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के अलावा तकनीक, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और वैश्विक शासन जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं. इसके साथ ही बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और ग्लोबल साउथ की भूमिका मजबूत करने पर भी जोर रहेगा.
भारत BRICS देशों के बीच डिजिटल और वित्तीय सहयोग को भी आगे बढ़ाना चाहता है. ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, भारत BRICS देशों की Central Bank Digital Currencies (CBDCs) को आपस में जोड़ने की दिशा में पहल पर जोर दे रहा है, ताकि सीमा-पार भुगतान को आसान और तेज बनाया जा सके. हालांकि इस प्रस्ताव के सामने तकनीकी और भू-राजनीतिक चुनौतियां भी हैं.
शी जिनपिंग और पुतिन समेत कई बड़े नेता आएंगे
सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई BRICS नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. शी जिनपिंग की भारत यात्रा करीब सात साल बाद हो रही है, इसलिए उनकी मौजूदगी को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
पश्चिम एशिया संकट भी बनेगा अहम मुद्दा
इस बार BRICS सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान से जुड़ा संघर्ष समूह के सामने बड़ी कूटनीतिक चुनौती है. ईरान और संयुक्त अरब अमीरात BRICS के सदस्य हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में दोनों के हितों में टकराव है. ऐसे में, सम्मेलन के दौरान साझा घोषणापत्र में पश्चिम एशिया संकट पर सहमति बनाना भारत के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी.
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
BRICS सम्मेलन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी कर दी गई है. ताजा जानकारी के अनुसार, करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मियों और 200 पैरामिलिट्री कंपनियों की तैनाती की गई है, जबकि प्रमुख स्थानों पर 500 CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है.
इस तरह 18वां BRICS शिखर सम्मेलन भारत की कूटनीति, वैश्विक अर्थव्यवस्था और ग्लोबल साउथ की आवाज के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण आयोजन बन गया है.
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