Ujjain Hanuman Temple Controversy: मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्राचीन ‘खड़े हनुमान’ की प्रतिमा को लेकर चल रहा विवाद 10 सितंबर 2026 को एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. पिछले कुछ दिनों से प्रतिमा को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने की कोशिशों और भारी मशीनों के बावजूद इसके नहीं हिलने की खबरें सामने आ रही थीं. श्रद्धालुओं के बीच इसे दैवीय चमत्कार बताया जा रहा था. हालांकि अब प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है.
SDM ने कहा- प्रतिमा हटाने की कोशिश नहीं हुई
उज्जैन के एसडीएम ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को भ्रामक बताया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि प्रशासन ने हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने के लिए कई बार मशीनों और अन्य साधनों का इस्तेमाल किया. प्रशासन के मुताबिक, अब तक प्रतिमा को विस्थापित या हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है.
एसडीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि विशेषज्ञों की वैज्ञानिक और तकनीकी राय लिए बिना प्रतिमा को हटाने को लेकर आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. यानी फिलहाल प्रशासन ने प्रतिमा के विस्थापन का कदम रोकने की बात कही है.
फिर मूर्ति नहीं हिलने की चर्चा क्यों?
दरअसल, पिछले दिनों उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को लेकर लगातार खबरें सामने आईं. सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण की योजना में मंदिर का ढ़ांचा प्रभावित हुआ. इसके बाद प्रतिमा को लेकर विवाद गहरा गया. कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि प्रतिमा को दूसरी जगह ले जाने की कोशिशें सफल नहीं हुईं.
प्रतिमा के नहीं हिलने की खबर के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचने लगे. कई भक्त इसे बजरंगबली का चमत्कार और दैवीय संकेत मान रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी इससे जुड़े वीडियो और दावे तेजी से वायरल हुए.
आस्था और विकास के बीच फंसा मामला
प्रशासन के लिए चुनौती सिर्फ सड़क चौड़ीकरण की नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की भी है. 9 सितंबर को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और विभिन्न संगठनों ने प्रतिमा को नहीं हटाने की मांग की थी. प्रशासन ने सभी पक्षों से बातचीत कर सर्वसम्मत समाधान निकालने की बात कही थी.
विशेषज्ञों की राय के बाद होगा अगला फैसला
प्रतिमा को लेकर तकनीकी और वैज्ञानिक पहलू भी जांच के केंद्र में हैं. इससे पहले विशेषज्ञों की टीम से स्थिति का अध्ययन कराने की बात सामने आई थी. अब प्रशासन का कहना है कि बिना विशेषज्ञ राय के प्रतिमा को हटाने की दिशा में आगे नहीं बढ़ा जाएगा.
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रतिमा को दैवीय चमत्कार के कारण नहीं हटाया गया, ऐसा आधिकारिक तौर पर कहना अभी सही नहीं होगा. फिलहाल इतना स्पष्ट है कि श्रद्धालु इसे आस्था और चमत्कार से जोड़ रहे हैं, जबकि प्रशासन ने प्रतिमा हटाने के प्रयास की खबरों को खारिज किया है. आगे का फैसला विशेषज्ञों की राय और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत के बाद होने की उम्मीद है.
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